पाकिस्तान एक मुल्क है जो भारत के पड़ोस में है। इसकी उत्तर में हिमालय की श्रृंखलाएं और खूबसूरत घाटियां हैं। तमाम फ़र्क़ और फ़िक्र के बावजूद इस मुल्क में कुछ ऐसी जगहें हैं जो हर तरह के मुश्किलों और सियासत के रहते अपनी जगह आज भी अपनी रहस्यमय खूबसूरती लिए क़ायम हैं।
शानदार घाटियों और शहरों और रेगिस्तानी चढ़ाइयों से होते हुए पाकिस्तान का इतिहास और संस्कृति पौराणिक लोक साहित्य और दन्त कथाओं से भरा पड़ा है।
आइये इन अजीबोगरीब किवदंतियों में वक़्त की एक डुबकी लगाएं
एक झील सैफुल मलूक
ये झील एक पहाड़ पर है, खगान घाटी में। यहाँ जो भी आता है मदहोश हो जाता है इसकी प्राकृतिक खूबसूरती में के जैसे हैरत और तारीफ से भर के इंसान बस देखता ही रह जाये। मगर यहाँ आकर सिर्फ इंसान ही अपने होश गुम नहीं कर देता है, एक मिथक के अनुसार कहते हैं की चौदहवीं के चाँद में आसमान से परियां इस झील पे उतरती हैं नहाने के लिए जिसमे उनका यौवन और खूबसूरती और भी निखार जाती है।
इस झील से एक प्रेम कहानी भी जुडी हुई है
एक बार एक राजकुमार सैफुल मलूक घूमते फिरते इस झील तक पहुच गया, फिर उसने क्या देखा की एक बेहद खूबसूरत परी झील के पानी पर ख़ुशी से झूम रही है। इतनी सुन्दर परी को सामने देखकर राजकुमार मूर्ति सा खड़ा रह गया, उसने कभी इतने खूबसूरत एहसास की कल्पना भी नहीं की थी। राजकुमार ने परी के कपडे चुरा लिए। और शर्त रखी के जबतक परी राजकुमार से शादी के लिए हाँ नहीं कर देती वो कपडे वापस नहीं करेगा। मासूम परी ने ये शर्त मान ली और शादी के लिए राज़ी हो गयी। ये कोई मामूली परी नहीं थी, ये परियों की रानी थी और सभी परियों में सबसे अधिक बुद्धिमान और सुन्दर थी। राजकुमार और परी एक दूसरे के प्यार में डूब गए। मगर इस रिश्ते से रानी का पुराण आशिक़ जो की एक शैतानी ताक़त था, बहुत गुस्सा हुआ और उसने पूरी घाटी को बाढ़ के पानी से भर दिया और परियों की रानी ऊँचे पहाड़ों में कहीं फस गयी। जब पानी काम हुआ तो राजकुमार ने घाटी में जगह जगह जाकर अपनी परी को ढूंढा मगर वो न मिली। राजकुमार अपने प्यार को वापस देखने के लिए इंतज़ार ही करता रह गया
अब इस मिथक के दो रूप हैं। एक में कहा जाता है राजकुमार की आत्मा आज भी पूर्णिमा में इस झील पे आती है और अपने प्यार का इंतज़ार करती है।
दूसरी ओर लोग ये भी कहते है की राजकुमार ने आखिरी दम तक हिम्मत दिखाई, शैतान से लड़ा और अपनी परी को उसके चंगुल से आज़ाद करा के वापस अपने पास ले आया।
शानदार घाटियों और शहरों और रेगिस्तानी चढ़ाइयों से होते हुए पाकिस्तान का इतिहास और संस्कृति पौराणिक लोक साहित्य और दन्त कथाओं से भरा पड़ा है।
आइये इन अजीबोगरीब किवदंतियों में वक़्त की एक डुबकी लगाएं
एक झील सैफुल मलूक
ये झील एक पहाड़ पर है, खगान घाटी में। यहाँ जो भी आता है मदहोश हो जाता है इसकी प्राकृतिक खूबसूरती में के जैसे हैरत और तारीफ से भर के इंसान बस देखता ही रह जाये। मगर यहाँ आकर सिर्फ इंसान ही अपने होश गुम नहीं कर देता है, एक मिथक के अनुसार कहते हैं की चौदहवीं के चाँद में आसमान से परियां इस झील पे उतरती हैं नहाने के लिए जिसमे उनका यौवन और खूबसूरती और भी निखार जाती है।
इस झील से एक प्रेम कहानी भी जुडी हुई है
एक बार एक राजकुमार सैफुल मलूक घूमते फिरते इस झील तक पहुच गया, फिर उसने क्या देखा की एक बेहद खूबसूरत परी झील के पानी पर ख़ुशी से झूम रही है। इतनी सुन्दर परी को सामने देखकर राजकुमार मूर्ति सा खड़ा रह गया, उसने कभी इतने खूबसूरत एहसास की कल्पना भी नहीं की थी। राजकुमार ने परी के कपडे चुरा लिए। और शर्त रखी के जबतक परी राजकुमार से शादी के लिए हाँ नहीं कर देती वो कपडे वापस नहीं करेगा। मासूम परी ने ये शर्त मान ली और शादी के लिए राज़ी हो गयी। ये कोई मामूली परी नहीं थी, ये परियों की रानी थी और सभी परियों में सबसे अधिक बुद्धिमान और सुन्दर थी। राजकुमार और परी एक दूसरे के प्यार में डूब गए। मगर इस रिश्ते से रानी का पुराण आशिक़ जो की एक शैतानी ताक़त था, बहुत गुस्सा हुआ और उसने पूरी घाटी को बाढ़ के पानी से भर दिया और परियों की रानी ऊँचे पहाड़ों में कहीं फस गयी। जब पानी काम हुआ तो राजकुमार ने घाटी में जगह जगह जाकर अपनी परी को ढूंढा मगर वो न मिली। राजकुमार अपने प्यार को वापस देखने के लिए इंतज़ार ही करता रह गया
अब इस मिथक के दो रूप हैं। एक में कहा जाता है राजकुमार की आत्मा आज भी पूर्णिमा में इस झील पे आती है और अपने प्यार का इंतज़ार करती है।
दूसरी ओर लोग ये भी कहते है की राजकुमार ने आखिरी दम तक हिम्मत दिखाई, शैतान से लड़ा और अपनी परी को उसके चंगुल से आज़ाद करा के वापस अपने पास ले आया।









